Importance of Maharashtra & problems of Mooladhara – Shree Matajii Nirmala Devi

मूलाधार की समस्यायें……….

मेरी राय में महाराष्ट्र एक ऐसा प्रदेश है जहां श्री गणेश तत्व सबसे ज्यादा शक्तिशाली है,
क्योंकि यहां आठ गणेश हैं जो धरती मां के गर्भ से निकले हैं। धऱती मां की तीन शक्तियां
महालक्ष्मी, महासरस्वती और महाकाली भी यहीं पर हैं…… अतः सारा प्रदेश और यहां की
धऱती भी पूरी तरह से चैतन्य से भरपूर है।

यदि आपको मूलाधार की समस्यायें हैं तो यहां की धऱती पर बैठ जायें मेरा चित्र अपने सामने रख लें, दांया हाथ भूमि पर रखकर श्री गणेश मंत्र कहें या श्री गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें तो आपकी बांयी नाड़ी स्वच्छ हो जायेगी।

बांयी नाड़ी स्वच्छ होने का अर्थ है…… सबसे पहले बांया स्वाधिष्ठान ठीक हो जाता है। आपमें से बहुत से लोग पहले कई गुरूओं के पास गये हैं….. इसके ….. उसके पास और इसके कारण आपने कई गलत कार्य भी किये हैं …… लेकिन यह सब ठीक हो जाता है। इसके अलावा, पश्चिम में महिलाओं द्वारा अबौर्शन करवाना काफी सामान्य बात है . … संभवतः वह भी खराब मूलाधार के कारण ….. या बांये स्वाधिष्ठान के कारण … जो भी हो… पूर्व की बातें या कुछ और .. पर हमें उससे परेशान नहीं होना है कि ऐसा क्यों हैं।

अतः जब आप अपनी बांयी नाड़ी पर वाइब्रेशन लेते हैं तो आप अपने मूलाधार को इस प्रकार से साफ करते हैं कि मूलाधार की सारी समस्यायें ठीक हो जाती हैं। हम सब के लिये यह काफी महत्वपूर्ण है …. परंतु ऐसा आप और कहीं नहीं कर सकते हैं… धरती मां तो सभी जगह है ….. पर यह स्थान मूलाधार के लिये सबसे विशेष है जहां आप पूरी तरह से स्वच्छ हो जाते हैं और आप पवित्रता और शुभता से भऱ जाते हैं।

श्री गणेश के दो गुण हैं जिन्हें आप इस स्थान पर अपने अंदर सरलता से प्राप्त कर सकते हैं। धऱती पर अधिक से अधिक बैठें और अपना बांया हाथ सूर्य की ओर करके दांया हाथ धऱती पर रखें। क्या आप ऐसा कर सकते हैं …… बांया हाथ सूर्य की ओर और दांया हाथ धऱती पर……….. अतः इसको आज्ञा से स्वच्छ करने की अपेक्षा आप इसे मूलाधार के माध्यम से स्वच्छ कर सकते हैं।

आपके मूलाधार को आप दो ही तरीकों से साफ कर सकते हैं…. एक तो अपने आज्ञा से और दूसरे अपने मूलाधार से। यहां पर आप इसे सरलता से कर सकते हैं। आपने देखा होगा कि महाराष्ट्र के लोगों का मूलाधार बहुत अच्छा है। उन्हें मूलाधार की कोई समस्यायें नहीं हैं। जिस प्रकार से वे नृत्य करते हैं, जिस प्रकार से वे अबोध हैं… उऩकी आंखें अत्यंत अबोध हैं
. … उऩमें कोई लालच नहीं …… वासना नहीं …. उनमें से ये सब गायब हो गया है। वे जैसे निर्विचार समाधि में रह रहे हैं….. आपको उन्हें देखने मात्र से ही लगता है कि मानों कोई देवता धरती पर उतर कर आ गये हों।

यह स्थान वैसे ही अत्यंत चैतन्यमय है क्योंकि यहां पर कई संत रह चुके हैं….. उऩ्होंने अपना चैतन्य इस स्थान पर छोड़ा है …. श्री राम औऱ श्री सीता इसी धरती पर नंगे पांव चले हैं। यह बहुत ही चैतन्यमय स्थान है…… देखें धरती कैसे इसे अवशोषित कर रही है।

यही कारण है कि यह टूर पश्चिमी सहजयोगियों के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है क्यों कि वहां उनकी अबोधिता पर काफी आक्रमण हुये हैं और उसको पुनर्स्थापित करना है और हमे इसके लिये कार्य करना है ….. क्यों कि वहां इस प्रकार के आक्रमण काफी गंभीर किस्म के हैं। वहां पर ये आक्रमण न केवल युवा वर्ग पर है पर वो बच्चों पर भी इस प्रकार के आक्रमण कर रहे हैं …… हर समय अबोधिता पर खतरा मंडरा रहा है। अतः आपको अबोधिता संपन्न, पवित्र व शक्तिशाली होना चाहिये … ताकि आप चारों ओर इस पवित्रता को फैला सकें।

औरंगाबाद (भारत) 7 दिसंबर 1988.

ashtavinayakjejuri

English Translation::

The Problems of Mooladhara Chakra

In my opinion, Maharashtra (India) is one such location where the Shri Ganesh element is the most powerful because over here, eight Shri Ganeshas have erupted directly from the womb of Mother Earth. The three other important powers of Mahalakshmi, Mahasaraswati and Mahakali are also here – which means the entire state is full of divine consciousness and vibrations!

If you have problems of the Mooladhara then just sit on this land, keep my photograph in front, keep the right hand (palm downwards) on Mother Earth and chant the Shri Ganesha mantra or the Ganesha Atharvashirsha and your left channel will become clear.

With the left channel (Ida Nadi) getting cleared, the left Swadhisthana gets cleared first. Many of you have been to many kinds of (false) gurus and in your ignorance you may have even done wrong things, but all that gets okay and cured. Apart from this, in the western countries, abortion is a very common thing – this may be one of the reason for a bad Mooladhara or for left Swadhisthana – whatever – maybe things of the past or something – but we should not get perturbed by this and start wondering why is it so.

Basically when you take vibrations on your left channel, you clear all your Mooladhara problems. This is very important for all of us but you cannot do the same (benefit similarly) anywhere else – Mother Earth is everywhere but this place is most important for the Mooladhara where your get totally cleansed and are filled with purity and auspiciousness.

Shri Gannesh has two qualities that you can easily achieve by being in this place. Try to sit more often on Mother Earth with your left hand towards sun and right hand on Mother Earth. Can you do this – left hand towards sun and right hand on Mother Earth – this means instead of using Agya (to clear the catches of the left), you are using the Mooladhara to clear it.

You can clear your Mooladhara in two ways – one through your Agya Chakra and the other through your Mooladhara. Over here (Maharashtra) you can do it easily. You must have noticed that the people in Maharashtra have a very good Mooladhara. They hardly have any problems of the Mooladhara. The way they dance, the way they are so innocent – their eyes are most innocent – they don’t have any greed, no lust – such vices are invisible in them. They way they exist in thoughtless awareness that the moment you see them you feel as if some apostle or saint has descended on Mother Earth.

As it is this place is highly vibrated (with divine consciousness) because many realized souls (saints) have lived here, they have left their divine vibrations here. Shri Rama and Mother Sita have walked bare feet on this ground. Very highly vibrated place – see how Mother Earth is nourishing it.

This is the reason why this place is so important for the western Sahaja yogis because in the west their innocence is very badly attacked and in order to re-establish innocence we need to work it out here because attack on their innocence is a very serious issue in the west. In the west, not only the youths suffer the attack on their innocence but even the children are badly attacked – innocence is constantly under threat! Therefore you have to be absolutely innocent, pure and powerful so that you can spread the purity everywhere.

Aurangabad (India) 7th Dec, 1988.

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